Patanjali University Launches Grand ‘Nasha Mukt Bharat Abhiyan’ | Drug-Free India Initiative

हरिद्वार, 17 जून 2026। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” विषय पर आज पतंजलि विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन की शुरुआत हुई।

उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा पतंजलि विश्वविद्यालय के मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) संपादित किया गया था, जिसके माध्यम से नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता, शिक्षा एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में आयोजित यह अभियान युवाओं एवं समाज को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने तथा उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं संस्कारित जीवनशैली की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर प्रेरणास्रोत के रूप में परम पूज्य स्वामी जी, श्रद्धेय आचार्य जी तथा पूज्या साध्वी देवप्रिया जी के मार्गदर्शन से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उनके मार्गदर्शन में पतंजलि परिवार के सभी सदस्यों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. मयंक अग्रवाल, वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. के. एन. एस. यादव, कुलसचिव डॉ. दीपेश सक्सेना, उप-कुलसचिव डॉ. निर्विकार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ए. के. सिंह, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, प्राध्यापकगण, शोधार्थी, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे। सभी ने नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज में नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में इस अवसर पर नशामुक्ति शपथ ग्रहण समारोह एवं हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) का आयोजन भी किया गया। सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने नशे से दूर रहने, समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर अपने संकल्प को सार्वजनिक रूप से अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्व-रचित नारों के माध्यम से नशामुक्ति का सशक्त संदेश दिया, जिनमें—
“नशा एक तबाही है, जिसने आफत लाई है।”
“नशा छोड़ोगे तभी, खुशियों को पाओगे सभी।”
“नशे को कहो ना, जीवन को कहो हाँ।”
जैसे नारों ने वातावरण को जागरूकता एवं ऊर्जा से भर दिया।

इस दस दिवसीय अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में विविध जनजागरूकता एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साइकिल रैली, बाइक रैली, जन-जागरूकता रैली, योग शिविर, परामर्श सत्र, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम एवं अन्य सहभागितापरक गतिविधियाँ शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित किया जाएगा।

यह अभियान न केवल विश्वविद्यालय स्तर पर जागरूकता का विस्तार करेगा, बल्कि समाज में नशामुक्ति के प्रति एक मजबूत जनआंदोलन का स्वरूप भी लेगा। पतंजलि विश्वविद्यालय एवं पतंजलि परिवार का यह प्रयास “नशा मुक्त भारत – विकसित भारत” के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण, प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध होगा।