Seminar on Changing Media Landscape Organized at Press Club Haridwar

प्रेस क्लब हरिद्वार में बदलते मीडिया पर संगोष्ठी आयोजित
हरिद्वार, 26 अप्रैल:


प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा “आर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में पत्रकारिता” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के माल्यार्पण से किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ उपस्थित रहे। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य आचार्य श्री बालकृष्ण ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में  टीवी एंकर प्रियंका शर्मा ने अपने विचार रखे। 
मुख्य अतिथि श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने संबोधन में कहा कि उदंत मार्तंड से लेकर आधुनिक डिजिटल युग तक मीडिया की शक्ति निरंतर बनी हुई है। उन्होंने पत्रकारिता को परिश्रमपूर्ण एवं जिम्मेदार क्षेत्र बताते हुए पेड न्यूज़ और फेक न्यूज़ जैसी गंभीर चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। साथ ही फील्ड रिपोर्टिंग में कमी, “टेबल जर्नलिज्म” की बढ़ती प्रवृत्ति और घटती जवाबदेही को भी उन्होंने मीडिया के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, “शब्द ब्रह्म हैं।” निशंक जी ने कहा कि प्राचीन और पुराने दौर की पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन हुआ करती थी। उस समय के पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद सच्चाई को सामने लाने के लिए दिन-रात मेहनत करते थे। पहले न इंटरनेट था, न मोबाइल और न ही चौबीसों घंटे के न्यूज़ चैनल, फिर भी खबरें इकट्ठा करने के लिए पत्रकार दूर-दराज़ इलाकों में जाते थे। कई बार उन्हें हाथ से लिखकर, टाइपराइटर से या डाक के जरिए खबरें भेजनी पड़ती थीं। उस दौर में पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य था समाज को जागरूक करना, सत्य को उजागर करना और जनहित की रक्षा करना।


मुख्य वक्ता प्रियंका शर्मा ने 24 घंटे के समाचार चैनलों में बढ़ती सनसनीखेज़  पर चिंता जताते हुए कहा कि डिबेट्स में शोर-शराबा और एंकर-प्रधान शैली बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि टीवी दर्शक संख्या लगातार घट रही है, जबकि डिजिटल मीडिया तेजी से उभर रहा है, जहां “हर व्यक्ति एक रिपोर्टर बन गया है।” उन्होंने सार्थक, प्रामाणिक और संतुलित कंटेंट के चयन पर बल दिया और कहा कि सेल्फी संस्कृति से न्यूज़ सेंस प्रभावित हो रहा है।  प्रियंका अब एक हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़ अड्डा” से जुड़ी हुई हैं । यह प्लेटफ़ॉर्म मुख्य रूप से ऑनलाइन और सोशल मीडिया के माध्यम से खबरें प्रस्तुत करता है। यह बदलाव उस बढ़ते ट्रेंड को भी दर्शाता है, जहाँ टीवी न्यूज़ एंकर पारंपरिक चैनलों को छोड़कर स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स की ओर जा रहे हैं, ताकि वे सीधे दर्शकों तक अपनी बात पहुँचा सकें।
कार्यक्रम के अध्यक्ष पूज्य आचार्य श्री बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि के माध्यम से पतंजलि के विभिन्न संस्थानों, जैसे शोध, आयुर्वेद, वेलनेस, आचार्यकुलम् तथा विश्वविद्यालय के माध्यम से भारतीय ज्ञान एवं मूल्यों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योग की शिक्षा के द्वारा युवाओं को विकृतियों से बचाया जा रहा है।
उत्तराखंड राज्य की अर्थव्यवस्था में विभिन्न प्रकार से योगदान दे रहे हैं। बड़े स्तर पर रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने औषधीय पौधों के दस्तावेजीकरण, आयुर्वेदिक विश्वकोश तथा आधुनिक तकनीकों से गौसंवर्धन जैसे कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ शोध-आधारित तथ्यों ने सत्य को स्थापित किया।

आचार्य बालकृष्ण को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है। उनका कार्य आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ता है, जिससे प्रमाण-आधारित अध्ययन, शोध प्रकाशनों और प्राकृतिक चिकित्सा के विकास को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पतंजलि विश्वविद्यालय में मास कम्युनिकेशन एवं जर्नलिज्म के नए पाठ्यक्रम की घोषणा रही, जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ योग, संस्कार और उन्नत सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। 
इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा एक अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो, हाई-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त मीडिया लैब स्थापित किए जाने की भी घोषणा की गई। 
इन सुविधाओं के माध्यम से छात्रों को प्रायोगिक शिक्षण दिया जाएगा, जिसमें सत्यनिष्ठा और प्रामाणिक पत्रकारिता के मूल्यों का विशेष रूप से पालन कराया जाएगा। पूज्य आचार्य जी ने बताया कि पतंजलि विश्वविद्यालय की विशेष शैक्षिक दृष्टि पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकों के समन्वय के साथ नैतिक एवं कुशल मीडिया पेशेवर तैयार करना है।
यह संगोष्ठी पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य और उसकी जिम्मेदारियों पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का मंच साबित हुई,  इस अवसर पर, पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित डॉ. किरण त्रिवेदी,सहायक प्रोफेसर, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग , पतंजलि विश्वविद्यालय तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।