University of Patanjali Clinches 17 Medals at All India Inter-University Thang-Ta Championship

पतंजलि विश्वविद्यालय ने अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय थांग-टा प्रतियोगिता में 17 पदक प्राप्त किए

इंफाल/हरिद्वार, 9 अप्रैल 2026: उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय थांग-टा प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। यह प्रतियोगिता मणिपुर विश्वविद्यालय, इंफाल में 6 से 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित हुई। विश्वविद्यालय के दल ने कुल 17 पदक प्राप्त किए, जिनमें 2 स्वर्ण, 1 रजत तथा 14 कांस्य पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक मानी जा रही है।

प्रतियोगिता में देशभर के अनेक विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा अत्यंत कठिन रही। प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में प्रतिभा और मार्गदर्शन की कोई कमी नहीं है। टीम ने 11 विभिन्न भार वर्गों में पदक प्राप्त कर अपनी व्यापक तैयारी और प्रतियोगी क्षमता का परिचय दिया।

प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक रिया गौर और कीर्ति, जो बीपीईएस द्वितीय वर्ष की छात्राएं हैं, ने 64 किलोग्राम से कम भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्राप्त किए। रजत पदक मानशी (बीपीईएस द्वितीय वर्ष) ने 76 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त 14 कांस्य पदक पूजा, सोनिया, नैना, अभिषेक, भावना, अतुल, गौरी, सलोनी, माही, पलक, प्रिंस, योगिंदर, कार्तिकेय और हृषभ सहित अन्य विद्यार्थियों ने जीतकर टीम की सुदृढ़ता और निरंतरता को प्रदर्शित किया। इस उपलब्धि का एक प्रमुख पक्ष यह रहा कि बीपीईएस के विद्यार्थियों ने कुल 17 में से 16 पदक प्राप्त किए।

विश्वविद्यालय ने इस सफलता का श्रेय परम श्रद्धेय स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के साथ-साथ पूज्य साध्वी डॉ. देवप्रिया, अधिष्ठाता, दर्शन विभाग, की प्रेरणा को दिया। विश्वविद्यालय के प्रो-उपकुलपति श्री मयंक अग्रवाल ने इस उपलब्धि को अत्यंत गर्व का विषय बताते हुए सभी खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय की खेल क्षेत्र में निरंतर प्रगति का प्रमाण है। पतंजलि विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा और परिश्रम का परिचय दिया। इस सफलता में छात्र और छात्राओं दोनों का समान रूप से महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

यह उपलब्धि पतंजलि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है तथा यह विश्वविद्यालय की सुदृढ़ होती खेल परंपरा को दर्शाती है, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।