Special Guest Lecture on Mental Health Awareness Among the Youth

युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित

विश्वविद्यालय पतंजलि के Faculty of Naturopathy & Yogic Sciences में हुआ जागरूकतापूर्ण एवं संवादात्मक सत्र

हरिद्वार, 8 अक्टूबर 2026।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर विश्वविद्यालय पतंजलि के Faculty of Naturopathy & Yogic Sciences (FNYS) द्वारा Patanjali Ayurved College & Hospital के सहयोग से “Strategies to Promote and Maintain Mental Health in Young Generation” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।

 

यह व्याख्यान आज प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें FNYS के डीन डॉ. गणेश एन. अय्यर, विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. कनक सोनी सहित सभी फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में BNYS द्वितीय, तृतीय एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सरन्या एस. कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर (आयुर्वेद न्यूरोसाइकियाट्री), Patanjali Bharatiya Ayurvigyan Evam Anusandhan Sansthan, Haridwar, रहीं। उन्होंने युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समकालीन मुद्दों पर अत्यंत सरल, व्यावहारिक एवं संवादात्मक शैली में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

अपने व्याख्यान में डॉ. सरन्या ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित तीन प्रमुख चुनौतियों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला—

1. Academic & Performance Anxiety – पढ़ाई, परीक्षा एवं बेहतर प्रदर्शन को लेकर उत्पन्न तनाव और चिंता।
2. Behavioural Addiction – मोबाइल फोन, गेमिंग, सोशल मीडिया एवं रील्स के अत्यधिक उपयोग से जुड़ी व्यवहारगत निर्भरता।
3. Coping with Failures & Rejection – असफलता, अपेक्षाओं एवं अस्वीकृति का सकारात्मक एवं संतुलित तरीके से सामना करना।

उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए संतुलित जीवनशैली, सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता, समय प्रबंधन, स्वस्थ सामाजिक संबंध तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित मार्गदर्शन एवं सहायता लेने के महत्व के बारे में बताया।

कार्यक्रम विशेष रूप से इंटरैक्टिव एवं प्रश्नोत्तर आधारित रहा। विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा तनाव, सोशल मीडिया के प्रभाव, असफलता से निपटने तथा भावनात्मक संतुलन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका वक्ता द्वारा व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कहा कि यह सत्र उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा उन्हें युवा अवस्था में मानसिक स्वास्थ्य को समझने और उसे बेहतर बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक बातें सीखने को मिलीं।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा एवं जागरूकता के संदेश के साथ हुआ। संपूर्ण सत्र विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अत्यंत उपयोगी रहा।